गिरडीह, फरवरी 25 -- बेंगाबाद, प्रतिनिधि। खुरचुट्टा दुर्गा मंदिर में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ और संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के तृतीय दिवस के प्रवचन में अयोध्या से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास प्रकाश चंद्र जी महाराज ने कहा कि ज्ञान से नहीं अपितु प्रेम से ईश्वर की प्राप्ति होती है। श्रद्धा, नवैध और प्रेम से बढकर कुछ नहीं है। प्रेम से मानव सहजता से कुछ भी पा सकते हैं। प्रेम के लिए राग द्वेश और ईष्र्या का त्याग जरूरी है। उन्होंने विदुर और राजा परिक्षित के प्रसंग के दौरान कहा कि राजर्षि परीक्षित से कहते हैं कि ईश्वर की प्राप्ति ज्ञान के द्वारा नहीं अपितु प्रेम के द्वारा होती है। इसी संदर्भ में उन्होंने विदुर प्रसंग में कहा कि उनके भक्तिभाव से प्रसन्न होकर प्रभु द्वारकाधीश दुर्योधन के यहां का छप्पन भोग त्याग कर केवल भक्त दासी पुत्र विदुर जी ...
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