अलीगढ़, जुलाई 17 -- अलीगढ़। 83 वर्षीय साहित्यकार ज्ञानेन्द्र साज मृत्यु के बाद भी दो लोगों की जिंदगी में रोशनी की आस जगा गए। उनके नेत्रदान से दो जरूरतमंदों को नई रोशनी मिलेगी। देहदान कर्त्तव्य संस्था के अध्यक्ष डॉ. एसके गौड़ ने बताया कि संजय गोयल का फोन आया कि आगरा रोड निवासी ज्ञानेन्द्र का नेत्रदान होना है। तत्काल श्रॉफ आई केयर वृंदावन के डॉ. रोशन को सूचित किया, जिन्होंने समय पर पहुंचकर नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की। संस्था के सदस्य भुवनेश आधुनिक ने इसे सर्वोच्च मानवीय कार्य बताया। डॉ. गौड़ ने परिवार ने कहा कि यह कार्य समाज में नई सोच को जन्म देगा। अक्सर लोग पार्थिव शरीर को जलाते हैं, पर ज्ञानेन्द्र साज के परिवार ने रूढ़ियों को तोड़ते हुए मानवता की मिसाल पेश की। इस अवसर पर डॉ. डीके वर्मा, डॉ. जयंत शर्मा, अजय राणा, अनिल राज गुप्ता आदि मौज...