वाराणसी, नवम्बर 29 -- वाराणसी। सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की कोर्ट में शुक्रवार को ज्ञानवापी के वर्ष 1991 के पुराने मुकदमे में वादमित्र को हटाने की खारिज हो चुकी अर्जी में संशोधन करने के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से बहस की गई। अदालत ने बहस जारी रखते हुए अगली सुनवाई के लिए तीन दिसंबर की तिथि नियत की है। वादमित्र ने कहा कि वादी रहे हरिहर पांडेय के आवेदन के आधार पर 11 अक्तूबर 2019 को वादपत्र में संशोधन के जरिए विजय शंकर रस्तोगी को वादमित्र और वादी संख्या पांच बनाया गया था। बेटियों की ओर से संशोधन के लिए अर्जी दाखिल किया गया। उससे पूर्व की अर्जी की प्रकृति अलग है। इसलिए यह अर्जी पोषणीय नहीं। इस वाद में वादी भगवान हैं, जो एक विधिक व्यक्ति है। वह अपना मुकदमा में खुद पैरवी नहीं कर सकते ह...