वाराणसी, जनवरी 5 -- वाराणसी। ज्ञानवापी के 1991 के मुकदमे में वादमित्र हटाने के प्रार्थना पत्र में संशोधन की अर्जी पर सिविल जज (सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। अर्जीकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि हाल ही में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई। कोर्ट के आदेश पर अधिवक्ता को प्रति दी गई। अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी। बता दें कि पिछली सुनवाई पर सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति दाखिल की गई थी, जिसमें अधिवक्ता मो. तौहीद खान ने अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाने की दलील दी है। वादमित्र की ओर से आपत्ति दाखिल करने के समय मांगा गया था।
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