गौरीगंज, जनवरी 11 -- भेटुआ। संवाददाता ब्लॉक के ग्राम भरेथा में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन साध्वी पद्महस्ता भारती ने उपनिषदों का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे अंधा व्यक्ति सूर्य को नहीं देख सकता, वैसे ही ज्ञानचक्षु के बिना ईश्वर का दर्शन संभव नहीं है। कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बालकृष्ण अपनी मधुर लीलाओं से ग्वाल-बालों और गोपियों के मन को मोहित करते थे। इस अवसर पर होली महोत्सव भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में सराबोर होकर आनंद लिया। होली का गूढ़ार्थ समझाते हुए साध्वी ने कहा कि होली का वास्तविक अर्थ है आत्मा का परमात्मा की हो जाना। जब तक आत्मा को परमात्मा का साक्षात्कार न...