प्रयागराज, नवम्बर 14 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में शुक्रवार को अभिनव शिक्षापद्धति : अवसर और चुनौतियां विषय पर दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि महात्मा ज्योतिबाफुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने भारत की व्यावसायिक ज्ञान प्रणाली पर विचार साझा करते हुए कहा कि देश की पारंपरिक ज्ञान संस्कृति ज्ञान, अंतर्ज्ञान और व्यावहारिक समझ का विशाल भंडार है। उन्होंने गंगा को ज्ञान, यमुना को कौशल और सरस्वती को उच्च अंतर्ज्ञान का प्रतीक बताया। कहा, सच्चा नवाचार तभी उभरता है जब तीनों धाराएं शिक्षार्थी के भीतर एक साथ प्रवाहित हों। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) ने शिक्षण पद्धति को नई दिशा दी है, परंतु परंपरागत चाक-बोर्ड की महत्ता...