रुडकी, जुलाई 17 -- बोल बम के जयघोष के साथ अपने दो नवजात बच्चों के साथ कांवड़ लेकर जा रहे दंपति मन्नत पूरी होने पर बेहद खुश हैं। दंपति का कहना है कि उनका बड़ा बेटा बहुत बीमार था, उसके जिंदा रहने की उम्मीद बहुत कम थी, लेकिन भोले बाबा के आर्शीवाद से आज वह एकदम स्वस्थ है। अब वह दोनों कांवड़ उठाकर बाबा का धन्यवाद कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के गांव परसौली निवासी सुशील सैनी अपनी पत्नी सोनिया और दो बच्चों लक्ष्य तीन वर्ष और रुद्र सात माह के साथ कांवड़ लेकर रुड़की होते हुए अपने गंतव्य को जा रहे हैं। सुशील ने दोनों बेटों के लिए कांवड़नुमा झूले बनाए हैं, जिनमें दोनों बेटों को अलग-अलग बैठाया है। बातचीत के दौरान सुशील ने बताया कि जब उसका बड़ा बेटा छह माह का था तो उसे गंभीर बीमारी थी। उपचार में करीब आठ लाख रुपये भी खर्च कर दिए लेकिन, लक्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.