सहारनपुर, दिसम्बर 5 -- मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग एवं आउटरीच सेल, महाराज सिंह कॉलेज द्वारा डी.बी.टी., भारत सरकार के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर आधुनिक वनस्पति विज्ञान के बढ़ते महत्व, अनुसंधान के नए आयामों और युवाओं के लिए उभरते अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। द्वितीय दिवस का शुभारम्भ शुक्रवार को विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वाई. विमला ने किया। कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में जैव विविधता संरक्षण, उन्नत अनुसंधान तकनीकें और सतत विकास अत्यंत महत्वपूर्ण हो गए हैं। मुख्य वक्ता प्रो. डेज़ी रानी बतिश (वनस्पति विज्ञान विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़) रहीं। उन्होंने आक्रामक पौध प्रजातियों पर अत्यंत रोचक एवं वैज्ञानिक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने लैंटाना कैमार...