श्रीनगर, नवम्बर 13 -- गढ़वाल विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग एवं जंतु विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को द एआई इम्पेरेटिव: एक्सेलरेटिंग थेरेप्यूटिक डेवलपमेंट विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के चिकित्सीय खोज एवं जैव-चिकित्सीय नवाचार के क्षेत्र में रूपांतरणकारी संभावनाओं का अन्वेषण करने के उद्देश्य से हुई कार्यशाला में छात्रों ने बढ़चढ़ कर प्रतिभाग किया। कार्यशाला के संयोजक एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जीके जोशी ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक जैव-चिकित्सीय अनुसंधान में एआई की भूमिका निरंतर बढ़ती जा रही है। कार्यशाला के मुख्य वक्ता यूनिवर्सिटी ऑफ कैनबरा ऑस्ट्रेलिया कि प्रोफेसर एमेरिटा प्रो. रीना घिल्डियाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता दव...