मेरठ, नवम्बर 7 -- मोदीपुरम। भारतीय सेवा के पूर्व और वर्तमान सैनिकों के लिए लगाए गए 21 दिवसीय प्रशिक्षण जैव नियंत्रण एजेंटों के बड़े पैमाने पर उत्पादन कार्यक्रम का गुरुवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. के के सिंह ने कहा जैविक की उपयोगिता से वातावरण, जलवायु, मृदा और कृषि उत्पादन पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। जैविक प्रतिनिधियों के विस्तार से परीक्षणर्थियों को अवगत कराना आवश्यक है, जिससे वह स्वयं उपयोग करने के साथ-साथ अपने क्षेत्र में और बड़े पैमाने पर उत्पादित कर लोगों की पूर्ति करना सुनिश्चित कर सकें। कुलसचिव डॉ. रामजी सिंह ने कहा कि जैविक प्रतिनिधि हमारे लिए बहुत ही उपयोगी हैं और इनका इस्तेमाल किया जाना रसायनों के इस्तेमाल को कम करने व उनके दुष्प्रभाव से बचने के लिए निदांत आवश्यक है। इस अवसर पर डॉ. डी. वी सिंह, डॉ. डी एस साहू, डॉ. मह...