रांची, जनवरी 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनकर्मियों के नियमितीकरण और सेवा लाभ से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए प्रार्थियों को सभी प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ जैक सचिव को अभ्यावेदन देने और सचिव को छह सप्ताह के अंदर कानून के तहत दावों पर विचार करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने याचिका निष्पादित कर दी। इस संबंध में श्यामल दत्ता समेत 19 कर्मचारियों ने याचिका दायर की थी। प्रार्थियों का कहना था कि वे वर्ष 2006 में जैक के जारी विज्ञापन के तहत वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से क्लास-थ्री पदों पर मौसमी दैनिक वेतन पर नियुक्त किए गए थे और तब से निरंतर सेवा दे रहे हैं। याचिका में मांग की गई थी कि उन्हें नियमित किया जाए। न्यूनतम मूल वेतन, महंगाई भत्ता, आवास भत्ता, च...
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