हजारीबाग, जनवरी 1 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि जेपी केंद्रीय कारा हजारीबाग से तीन कैदियों की फरारी के मामले में जांच तेज हो गयी है। अब तक की जांच के दौरान जेल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जेल की परिधि पर लगे सुरक्षा तारों में करंट प्रवाहित नहीं हो रहा था, जिसका सीधा फायदा बंदियों ने उठाया। अंधेरा, घना कोहरा और रात के समय बिजली आपूर्ति बाधित रहने की स्थिति को ध्यान में रखकर ही फरारी की योजना बनाई गई थी। इसी का लाभ उठाकर बंदी सुरक्षा घेरा तोड़ने में सफल रहे। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में जैप के 28 जवानों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। किसी भी समय विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार जवानों को रात में धुंध और अंधेरे के कारण निगरानी करना बेहद कठिन हो जाता है, जि...