रांची, मई 2 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड में हिज्ब उत तहरीर के संदिग्ध आतंकी अम्मार याशर दस साल जोधपुर के जेल में रहा। मई 2024 में पूरे दस साल जेल में रहने के बाद वह छूटा था। इसके बाद उसने फिर से आतंकी संगठन के साथ जुड़कर जिहाद व देश में खिलाफत स्थापित करने के उदेश्य से हिज्ब उत तहरीर ज्वाइन किया। एटीएस ने धनबाद से गिरफ्तार आरोपी गुलफाम हसन, अयान जावेद, मो शहजाद और शबनम परवीन की निशानदेही पर अम्मार याशर को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने शुक्रवार को उसे जेल भेज दिया। अब उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। शाहिनबाग से पहली बार पकड़ाया, फिर राजस्थान एटीएस ने भेजा जेल साल 2013 में इंडियन मुजाहिदीन की गतिविधियां देशभर में चल रही थीं। पटना के गांधी मैदान ब्लास्ट के बाद देशभर में फैले इंडियन मुजाहिदीन के नेटवर्क पर दबिश डाले की शुरुआत हुई। तब म...
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