सिद्धार्थ, फरवरी 16 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) लाभार्थियों की भुगतान में जनपद फिसड्डी साबित हो रही है। गर्भवती का प्रसव होने के 24 घंटे के भीतर लाभार्थी को भुगतान की सेवा का लाभ मिलना है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कई-कई माह तक भुगतान नहीं कर पा रहा है। इससे परिजन स्वास्थ्य केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वित्तीय वर्ष में विभाग ने जनपद भर में सिर्फ 32 फीसदी लाभार्थियों का ही भुगतान कर सका है। इससे लाभार्थी परेशान हैं। दरअसल, जननी सुरक्षा योजना स्वास्थ्य विभाग का महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम के तहत गर्भवती को संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। इसके एवज में शहरी क्षेत्र की महिला को एक हजार व ग्रामीण अंचल की महिला को 14 सौ रुपये की प्रो...
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