नई दिल्ली, नवम्बर 1 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता जवाहर लाल नेहरू (जेएनयू) के गलियारों में छात्र संघ चुनाव को लेकर एक बार फिर वही राजनीतिक गहमागहमी लौट आई है पोस्टर, बहसें और नारों के बीच छात्रसंघ चुनाव इस बार भी केवल प्रतिनिधित्व की लड़ाई नहीं,बल्कि विचारधारा और विश्वविद्यालय संस्कृति के संरक्षण, भविष्य और छात्र हितों की अनेदखी के प्रतिरोध के रूप में लड़ा जा रहा है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) चुनावों में रविवार को बहुप्रतीक्षित प्रेसिडेंशियल डिबेट आयोजित की जाएगी। यह बहस चुनाव प्रचार के अंतिम चरण का में होती है। क्योंकि उसके बाद नो कैंपेन डे होता है और 4 नवंबर को मतदान होना है और परिणाम 6 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। छात्र संघ चुनाव में एक ओर वामपंथी गठबंधन 'प्रगतिशील, समावेशी और लोकतांत्रिक राजनीति' की परंपरा को क...
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