नई दिल्ली, फरवरी 4 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। उत्तर प्रदेश के जूनियर हाई स्कूलों में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से महज 7 हजार रुपये के मासिक मानदेय पर कार्यरत अनुदेशकों को सुप्रीम कोर्ट से बुधवार को बड़ी जीत मिली। शीर्ष अदालत ने कहा है कि अनुबंध पर कार्यरत ये अनुदेशक वर्ष 2017-18 से ही 17 हजार रुपये मासिक वेतन पाने का हकदार है और अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी नियुक्ति स्थाई माना जाएगा। जस्टिस पंकज मिथल और पीबी वराले की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि 'एक दशक से भी अधिक समय से इन अनुबंधित अनुदेशकों को महज 7 हजार रुपये के मासिक मानदेय पर रखना न सिर्फ अनुचित प्रथा है जो बंधुआ मजदूरी/बेगार के सामन है और यह संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है।' पीठ ने इन अनुदेशकों को वित्तीय वर्ष 2017-18 से 17 हजार रुपये मासिक के हिस...