प्रयागराज, फरवरी 6 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरे राज्य में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 को लागू करने में इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी कमियां होने पर चिंता जताई है। साथ ही, अपर महाधिवक्ता से राज्य सरकार की ओर से दस ज़रूरी मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस सिस्टम की कमी के कारण जुवेनाइल जस्टिस एक्ट का सुधारात्मक न्याय का कानूनी आदेश पूरी तरह खत्म हो रहा है। प्रदेश सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि राज्य में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 और जुवेनाइल जस्टिस रूल्स 2016 के तहत बताए गए मान्यता प्राप्त संस्थानों, जैसे फिट पर्सन, ग्रुप फॉस्टर केयर संस्थान, ग्रुप फॉस्टर केयर देने वाले और केस वर्कर की उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ये संस्थाएं/संस्थान रिहैबिलिटेशन और रीइंटीग्रेशन (आरएंडआर) कार्यक्रम व कानून से टकरा...
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