गया, जनवरी 16 -- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में कई खामियां थीं जिसका सही लाभ आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों को नहीं मिल पाता था। इसके साथ - साथ मनरेगा के क्रियान्वयन में सम्बंधित अधिकारी की कोताही से जहां सही लाभिक वंचित रह जाते थे वहीं दूसरी तरफ गलत लोगों द्वारा अजीवित लोगों के नाम पर भी इसका आर्थिक लाभ लिया जाता था। इन सबकी वजह से विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के उद्देश्य से भारतीय संसद में 18 दिसंबर 2025 को मनरेगा को संशोधित कर विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025 पास किया गया जिसकी कई विशेषताएं हैं। उक्त वक्तव्य दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह ने सीयूएसबी में विकसित भारत-जी राम जी विधेयक 2025 पर आयोजित विशेष परिचर्चा में कहीं। कुलपति ने कहा कि इस य...