सुल्तानपुर, नवम्बर 12 -- सुलतानपुर, संवाददाता श्रीमद भागवत कथा सुनने और हृदय में बसाने से दुख और अंधकार का नाश होता है। जीव को ब्रह्म से मिलाने वाला केवल गुरु ही होता है। हरिपुर बनवा गांव में डॉ अशोक मिश्रा सौजन्य से आयोजित भगवत कथा के प्रथम दिवस में मंगलाचरण, वेद वंदना और पूजन के साथ जब कथा का प्रारंभ हुआ, तो वातावरण 'राधे राधे' के जयघोषों से गूंज उठा। यहां पर अयोध्या धाम से आए आलोक शास्त्री लोगों को भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण मात्र एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को ईश्वर की ओर मोड़ने वाला जीवंत मार्ग है। कथा व्यास ने कथा में भागवत महिमा, गुरू के विषय में बताते हुए कहा कि अगर कोई भगवान से साक्षात्कार करवा सकता है तो वो मात्र गुरू ही और कोई भी भगवान का मार्ग नहीं बता सकता। उन्होंने व्यास जी के तप और...