वाराणसी, दिसम्बर 24 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। जीवित कर्मचारी के गुमशुदा होने पर पांच वर्ष से ज्यादा समय तक परिवार को पेंशन देने के मामले में बीएचयू ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रकरण में निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले अधिकारियों ने कुछ भी कहने से इनकार किया है। इधर कर्मचारी रमाशंकर राम ने का दावा है कि वह खुद के जीवित होने का प्रमाण देने के लिए किसी भी जांच समिति के सामने प्रस्तुत होने को तैयार है। डॉ. एनी बेसेंट छात्रावास में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत रमाशंकर ने बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय में टाइपिस्ट और वित्त विभाग में कैशबुक में भी काम किया था। 2007 में उसकी तबीयत खराब हो गई और शरीर के बाईं तरफ लकवा मार गया था। रमाशंकर ने बताया कि इसके बाद उन्हें कुछ भी याद नहीं। इस बीच 2013 में परिवार ने गुमशुदगी की ...