हाथरस, अक्टूबर 30 -- हाथरस, हिन्दुस्तान संवाद। एक नवम्बर से पेशनरों के जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। जो पेंशनर चलने फिरने में असमर्थ या असाध्य बीमारी से जूझ रहे हैं। प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए कोषागार नहीं जा सकते हैं। वे अपने क्षेत्र के डाकिया की मदद लेकर घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकटेट प्रस्तुत कर सकते हैं। इसकी शुरुआत शहर के मुख्य डाकघर में बीओ की मदद से कर दी गई है। बुजुर्ग इसका लाभ ले रहे हैं। आमतौर पर उम्र के साथ हाथ की लकीरें भी धुंधली पड़ने लग जाती हैं। ऐसे में आधार कार्ड धारक वरिष्ठ नागरिकों की पहचान में बायोमेट्रिक मशीन काम नहीं कर पाती है। घर आने वाले डाकिया आइरिस स्कैनर की मदद भी साथ में लाएगा। आंखों की पुतलियों की स्कैनिंग की मदद से पेंशनर की पहचान को सत्यापित कर जीवित होने का प्रम...