नई दिल्ली, नवम्बर 14 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। जब पूरी दुनिया जलवायु संकट से निपटने के नए रास्ते तलाश रही है तो ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट की नई रिपोर्ट ने एक बार फिर चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में जीवाश्म ईंधनों से होने वाले कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 1.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह 38.1 अरब टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इससे तापमान बढ़ोत्तरी को 1.5 डिग्री के लक्ष्य तक सीमित रखने की राह कठिन होती जा रही है। रिपोर्ट कहती है कि ऊर्जा प्रणालियों का डीकार्बोनाइजेशन कई देशों में तेजी से हो रहा है, लेकिन यह अब भी बढ़ती ऊर्जा मांग की भरपाई करने के लिए पर्याप्त नहीं है। भूमि उपयोग परिवर्तन (जैसे वनों की कटाई) से होने वाले उत्सर्जन में गिरावट के बावजूद कुल उत्सर्जन में कमी नहीं आई। वैज्ञानिकों का कहना...
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