पूर्णिया, फरवरी 10 -- जलालगढ़, एक संवाददाता।कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ की ओर से प्रखंड के भठेली गांव में प्राकृतिक खेती विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की पद्धति, उसके लाभ और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. के. सिंह ने प्राकृतिक खेती के मूल तत्वों पर प्रकाश डालते हुए देसी गाय के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि देसी गाय के गोबर और मूत्र से तैयार जीवामृत और बीजामृत का उपयोग फसलों की उर्वरता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी है। आने वाले गरमा मौसम में मूंग तथा सब्जी वर्गीय फसलों में इनका प्रयोग कर किसान बेहतर उत्पादन और कम लागत का लाभ ले सकते हैं। मृदा वैज्ञानिक डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि हरित क्रांति के बाद प्राकृतिक खेती को तीसरी ...