चंदौली, जनवरी 15 -- धीना, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के महुंजी गांव स्थित सदगुरू आश्रम गंगाधाम में गुरुवार को दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मकर संक्रांति के स्नान पर के मद्देनजर काफी भीड़ होने के कारण धीना थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद जवानों के साथ मुस्तैद रहे। भक्तों को संबोधित करते हुए संत प्रकाशनंद ने कहा कि कर्म ही तुम्हारी पहचान है। जो लोग मुश्किल से डर जाते वह उनके जीवन की हार बन जाती है। जीवन में मौका मिले तो सारथी बनना स्वार्थी नहीं। जो व्यक्ति सब कुछ जानते हुए भी स्वयं को नहीं जानता वह अज्ञानी है। कहा जीवन में उतार चढ़ाव के दौरान कष्ट आने पर संतोष करना चाहिए, संतोष करना ही बड़ी संपत्ति है। वफादारी सबसे बड़ा रिश्ता है। दुख भोगने वाला आगे चलकर सुखी बन जाता है। दूसरों को दुख देने वाला कभी सुखी नहीं हो सकता। इस अ...