मुजफ्फर नगर, अक्टूबर 10 -- मोरना। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानन्द महाराज ने कहा कि जीवन में सुख और शांति तथा तृष्णाओं से मुक्ति को भागवत श्रवण सर्वोत्तम साधन है। भागवत तनाव मुक्त जीवन जीने का दर्शन है। श्री शुकदेव आश्रम स्थित डोंगरे जी भागवत भवन में जयपुर, राजस्थान निवासी लालाराम चौधरी द्वारा आयोजित भागवत कथा का दीप प्रज्ज्वलन कर पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भागवत सत्कर्म, सदमार्ग और भगवद् भक्ति की प्रेरक है, जो अंत:करण को पवित्र करती है। भारतीय सनातन परंपरा में द्रव्य यज्ञ, तप यज्ञ, योग यज्ञ, स्वाध्याय यज्ञ, ज्ञानयज्ञ रूपी पांच प्रकार के सत्कर्म बताये गए हैं, जिनमें ज्ञानयज्ञ सर्वश्रेष्ठ है। भागवत अनुष्ठान एक ज्ञानयज्ञ रूपी दिव्य उत्सव है, जो मनुष्य को सकारात्मक और रचनात्मक ऊर्जा ...
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