रांची, नवम्बर 26 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। साध्वी दीपिका सामिया श्रीजी ने कहा कि जीवन है तो समस्या रहेगी। इस दौरान हमें हर हाल में सकारात्मक बने रहना होगा। जैसे पत्ता पेड़ से टूटकर समाप्त हो जाता है, वैसे ही हमारा जीवन है। हमारे पास समय बहुत कम है। मृत्यु कभी भी आ सकती है। अपनी आत्मा की शुद्धि के लिए हम क्या अच्छा कर सकते हैं, इसका हमें चिंतन करना चाहिए। साध्वी दीपिका बुधवार को श्वेताम्बर संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रवचन कर रहीं थी। उन्होंने कहा कि हमें जीवन भर गृहस्थ जीवन में घर-परिवार का निर्वहन करने के लिए सबके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन अपने और अपनी आत्मा की शुद्धि के लिए हम क्या कर रहे हैं, सत्य क्या है, इसको पहचानना चाहिए। बारह भावना में जीवन जीने की कला को बहुत अच्छे से बताया गया है। इसे हम सबको दिन में एक बार जरूर ...