बेगुसराय, फरवरी 15 -- तेघड़ा, निज प्रतिनिधि। रामचरित मानस का ध्यान करने से मानव परम गौरव को प्राप्त करता है। इस लिए श्रीरामचरित का ध्यान करो, चिंतन करो। श्रीरामचरित मानस को समझने व इसे आत्मसात करने से जीवन की राह आसान बनती है। यह बात प्रख्यात कथावाचक पंडित रामकिंकराचार्य ने आधारपुर ठाकुरबाड़ी में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा यज्ञ में कही। बाबा नरसिंहदास महाराज के 70वें महानिर्वाण दिवस पर उनके स्मृति में श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कथावाचक ने कहा कि बुद्धि को सांसारिक मोह माया के लिए प्रयोग किया जाए तो वह वेश्या के समान हो जाती है। इसलिए बुद्धि अथवा ज्ञान का प्रयोग रामचरित को अपनाने में करना चाहिए। प्रभु राम के स्मरण से ही जगत कल्याण का मार्ग खुल सकेगा। उन्होंने कहा कि अगर छोटा से छोटा जीव भी रामचरित मानस का पाठ ...