मेरठ, अप्रैल 27 -- मेरठ। संवाददाता सदर नया बाजार श्री सिद्ध बली मंदिर में चल रही भागवत कथा में शनिवार को कथावाचक आचार्य डा. रामप्रकाश शास्त्री ने कथा के कई प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भक्ति यदि प्रबल हो तो पत्थर के खंभे से भी भगवान प्रकट हो सकते हैं। कहा कि जीवन का मंथन ही समुद्र मंथन है। जीवन से जब विष निकल जाता है तब काम क्रोध वासनाओं का समापन हो जाता है। नरेश चन्द्र शर्मा, निशेष रंजना, रजनी, मुनिया, उमा देवी , कृपा देवी , नानक शर्मा आदि मौजूद रहे।
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