लखनऊ, फरवरी 17 -- 15 से अधिक बोगस फर्म खोलकर करोड़ों की जीएसटी (कर) चोरी के मामले में जेल भेजे गए गिरोह से पूछताछ में साइबर थाने की टीम को कई चौकाने वाली जानकारियां मिली हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्म बनाते थे। जीएसटी कार्यालय में उसका रजिस्ट्रेशन कराने से एक दिन पूर्व आफिस खोलते थे। इसके बाद सीए की मिलीभगत से जीएसटी विभाग के कर्मचारियों से साठगांठ कर स्थलीय निरीक्षण में सत्यापन भी करा देते थे। इसके बाद दफ्तर बंद करते थे। वहीं जेल भेजी गई गिरोह की महिला सरगना कानपुर जूही निवासी तबस्सुम ने अपनी पहचान छुपाने के लिए तीन बार नाम बदला था। उसके पास से तबस्सुम, गुलचमन और जाह्नवी के नाम से तीन आधार और पैन कार्ड मिले हैं। उसने कई नामों से फर्जी फर्म भी बना रखी थी। करोड़ों की जीएसटी चोरी के मामले में पुलिस ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.