अयोध्या शत्रुघ्न यादव, मार्च 6 -- राम मंदिर बनने के साथ ही अयोध्या जनपद स्थित सभी पौराणिक स्थलों का कायाकल्प हो रहा है। नदियों के तटों को संवारा जा रहा है। उसी अयोध्या से 18 किलोमीटर की दूरी पर श्रवणाश्रम के निकट बह रही तमसा का अस्तित्व खतरे में है। स्थानीय लोगों के अनुसार भगवान राम से जुड़ी होने के बावजूद यह पवित्र नदी शासन-प्रशासन की उपेक्षा का शिकार है। ऐतिहासिक एवं पौराणिक है तमसा नदी तमसा नदी ऐतिहासिक एवं पौराणिक नदी है जिसका साक्ष्य रधुवंश महाकाव्यम व रामचरित मानस मे भी मिलता है। महाकवि कालिदास ने रघुवंश महाकाव्यम् के 9वें सर्ग के श्लोक संख्या 72 में इस नदी की पवित्रता का वर्णन करते हुए लिखा है कि 'तपस्विगधं तमसां प्राप नदीं' अर्थात शिकार के लिए निकले राजा दशरथ ने थकान के बाद ऐसी तमसा नदी को प्राप्त किया जिसमे तपस्वियों ने स्नान किय...
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