बिलासपुर, जून 20 -- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को दोषमुक्त करते हुए बड़ा फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि पीड़िता अगर बालिग है और लंबे समय तक प्रेम में रहने के दौरान युवक को पति मानकर शारीरिक संबंध बनाया है, तो इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि युवती अपनी इच्छा से उसके साथ रह रही थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि महिला ने आरोपी को अपना पति स्वीकार किया था तो यह मानना मुश्किल है कि उसे धोखे में रखकर यौन संबंध बनाए गए थे। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने रायगढ़ की फास्ट ट्रैक कोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें उसने आरोपी को दोषी करार देते हुए उसके खिलाफ आरोप तय कर दिए थे।पति से अलग होने को कहा, फिर बनाए संबंध पीड़िता ने रायगढ़ के चक्रधर नगर थाने में आरोप...
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