नई दिल्ली, फरवरी 14 -- जिसमें सबके हित का भाव हो वही साहित्य है। विज्ञान, समाज और सभी तरह की चीजें साहित्य में समाहित हैं। उक्त बातें दिल्ली विश्वविद्यालय साहित्य महोत्सव के तीसरे दिन राज्यसभा डॉ सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ये देश है मेरा विषय पर आयोजित सत्र में कही। डीयू के अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.अनु सिंह लाठर ने उनके कई विषयों पर सवाल पूछे। इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि साइंस यह सिखाती है कि दुनिया में पहचान आपको उस चीज से मिलती है जो आप परावर्तित करके दूसरों को देते हैं। उन्होंने परमाणु सिद्धांत की व्याख्या करते हुए बताया कि विज्ञान यह बताता है कि जो त्याग करे उस में ज्यादा बॉन्डिंग होती है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर कहा कि हम जब मैकाले के माइंडसेट से बाहर निकल...
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