नवादा, दिसम्बर 3 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले की खेती-किसानी एक महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रही है। यहां के प्रगतिशील किसान अब खेती की पुरानी और पारंपरिक विधियों को छोड़कर शून्य जुताई तकनीक को अपना रहे हैं। यह आधुनिक कृषि विधि न केवल किसानों के लिए कम लागत में अधिक पैदावार सुनिश्चित कर रही है, बल्कि उन्हें जलवायु अनुकूल खेती की ओर भी अग्रसर कर रही है। रबी सीजन-2025-26 के लिए जिले के किसान लगभग 350 एकड़ भूमि में गेहूं की बुआई इसी विशिष्ट तकनीक के माध्यम से करने पर केंद्रित हैं, जो नवादा की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। शून्य जुताई तकनीक यानी जीरो टिलेज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें धान की कटाई के बाद खेतों को बिना जोते ही अगली फसल यानी गेहूं की सीधी बुआई की जाती है। किसान इस कार्य के लिए विशेष रूप...
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