बांका, फरवरी 16 -- बांका, एक संवाददाता। जिले में युवाओं के बीच सूखे नशे का बढ़ता चलन अब गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संकट का रूप लेता जा रहा है। पढ़ाई और करियर के सपने देखने वाली उम्र में कई युवक स्मैक, चरस, गांजा और विभिन्न रासायनिक पदार्थों के सेवन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह प्रवृत्ति न सिर्फ उनके भविष्य को प्रभावित कर रही है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीण इलाकों से लेकर कस्बों तक नशे का जाल फैलता नजर आ रहा है। पहले जहां युवा प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारी में जुटे रहते थे, वहीं अब कुछ युवक गलत संगति और भटकाव के कारण नशे की लत के शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेरोजगारी, सामाजिक दबाव और नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता इस समस्या को बढ़ा रही है। कई अभिभावक भी इस बदलाव से चिंतित हैं,...
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