समस्तीपुर, फरवरी 7 -- परंपरागत गेहूं-धान की खेती से हटकर अब किसान तेजी से वैकल्पिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाएं जैविक खेती, सब्जी उत्पादन, औषधीय पौधों की खेती, फूलों की खेती, बागवानी और मत्स्य पालन किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही हैं। समस्तीपुर की उपजाऊ भूमि और अनुकूल जलवायु इन फसलों के उत्पादन के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है। यही वजह है कि जिले में वैकल्पिक खेती के तहत टमाटर, गोभी, मटर, मिर्च और भिंडी जैसी सब्जियों की खेती तेजी से बढ़ी है और किसान बाजार में अपेक्षाकृत बेहतर दाम भी प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा फूलों की खेती में गेंदा और गुलाब यहां की जलवायु में काफी सफल साबित हो रहे हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी हो रही है। वहीं केला, अमरूद, आम और पपीता की बागवानी करने वाले ...