मधुबनी, जनवरी 16 -- मधुबनी,निज संवाददाता। जिले में कई निजी स्कूल शिक्षा के तय मानकों को नजरअंदाज कर संचालित किए जा रहे हैं। न तो सरकारी निर्देशों का पालन हो रहा है और न ही बच्चों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान दिया जा रहा है। छोटे निजी विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षकों की भारी कमी सामने आ रही है। कई जगह 10वीं या 12वीं पास युवकों को बिना किसी प्रशिक्षण के शिक्षक बना दिया गया है, जिन्हें बेहद कम मानदेय पर रखा जाता है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और सीखने की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। डीईओ अक्षय कुमार पांडेय ने बताया कि ऐसे सभी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई होगी। लगातार मिल रही शिकायत के अनुसार भौतिक सुविधाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। कहीं स्कूल एस्बेस्टस की छत वाले कमरों में चल रहे हैं, तो कई जगह बालक और बालिका के लिए अलग शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं। ...
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