हजारीबाग, दिसम्बर 4 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि। विश्व मृदा दिवस हर साल पांच दिसंबर को स्वस्थ मिट्टी के महत्व पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य किसानों के बीच मिट्टी जांच के प्रति जागरुकता बढ़ाना है ताकि मिट्टी, कृषि, विकास, खाद्य सुरक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र बना रहे। मगर चिंता की बात यह है कि हजारीबाग मे मिट्टी की सेहत बिगड़ रही है। फसलों के विकास के लिए पोषक तत्व नाइट्रोजन, फास्फोरस, सल्फर, पोटाश जैसे तत्व साथ छोड़ रहे है। कृषि उत्पादन पर इसका असर पड़ रहा है। इसमें फसल और दाना काम हो रहा है। शाखाएं कम निकल रही है। दाना का आकार भी छोटा होता जा रहा है। कारण फसल चक्र का पालन नहीं किया जा रहा है। एक ही फसल बार-बार बोने से पोषक तत्वों की कमी आ जा रही है। यह जानकारी मृदा जांच के दौरान लगातार सामने आ रही है। जबकि...