एटा, फरवरी 18 -- एटा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत अब जिले के देहात क्षेत्रों को गंदगी और दूषित जल से बड़ी राहत मिलने वाली है। दो फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की जाएगी। इन प्लांटों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के घरों में बने गटर (सैप्टिक टैंक) से निकलने वाले मल का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। खास बात यह है कि गंदगी फैलाने वाला यह मल अब किसानों के खेतों के लिए वरदान साबित होगा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सैप्टिक टैंक भरने पर अब तक उसे खुले में, तालाबों में या नालों में बहा दिया जाता था। इससे जलभराव की समस्या बनने के बाद गंभीर बीमारियां फैलने का भी डर बना रहता था। अब नए प्लांट की मदद से इस स्लज को ट्रीट किया जाएगा। ट्रीटमेंट की प्रक्रिया के बाद निकलने वाले ठोस कचरे से जैविक खाद तैयार की जाएगी, जबकि बचे...
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