पूर्णिया, जनवरी 3 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।जिले में फाइलेरिया रोगी के उपचार और अत्यधिक ग्रसित अंगों के रोगी के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान कर जरूरी लाभ प्रदान कराए जाने की सुविधा है। फाइलेरिया रोगी जिनकी परेशानी सातवें या फिर आठवें स्टेज में पहुंच जाती है, ऐसे रोगी दिव्यांगता के श्रेणी में आते हैं। भीडीसीओ रविनन्दन सिंह बताते हैं कि जिले में फाइलेरिया के 6 हजार के लगभग रोगी हैं। इन रोगी में 1100 सौ रोगी हाईड्रोसिल की परेशानी से हैं, जबकि लगभग 4900 के लगभग रोगी फाइलेरिया में मोटे पैर या फिर अन्य ग्रसित अंग शामिल हैं। वे बताते हैं कि फाइलेरिया के सातवें या फिर आठवें स्टेज में रोगी का अंग मोटा हो जाता है। इनमें अत्यधिक पैर मोटा हो गया है, पैर में सामान्य तौर पर चप्पल या फिर जूता नहीं पहन पा रहा है। चलने फिरने में दिक्कत होती ...