बांदा, दिसम्बर 7 -- बांदा। संवाददाता रबी फसलों की बोआई और बोआई के बाद गेहूं की फसलों में यूरिया की खाद की जरूरत है। समितियों में खाद न होने की वजह से किसान इस तरह की सर्दी में खुले आसमान के नीचे ठिठुर रहे हैं। समितियों में खाद नहीं हैं। रविवार को रेलवे रैक में यूरिया खाद की रैक पहुंची है। इसे सीधे समितियों में भेजी जा रही है। इससे खाद की मारामारी अब कम होगी। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता अंसल कुमार ने बताया कि जनपद को कृभको की एक हजार मीट्रिक टन, इफको की लगभग 1600 मीट्रिक टन यूरिया ( कुल 2600 मीट्रिक टन) प्राप्त हो रही है। इसे रैक प्वाइंट से सीधे सहकारी समितियों पर प्रेषित किया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद किसानों को समय से उपलब्ध कराया जा सके। बताया कि जनपद में यूरिया उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है । रैक के माध्यम से अतिरिक्त ...