बांका, जुलाई 29 -- बांका। निज प्रतिनिधि। जिले में 1995 में आई बाढ ने भारी तबाही मचाई थी। यह बाढ जुलाई और अगस्त 1995 के बीच आई थी। जिसमें खास तौर पर बांका शहर सहित नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों को बाढ की त्रास्दी से गुजरना पडा था। यहां भारी बारिश की वजह से नदियां उफना गई थी और जालशयों का जल स्तर खतरे के निशान से काफी उपर उठकर स्पील करने लगा था। नदियों में पानी का दवाब बढने से उसकी तेज धार ने अपनी सीमा लांघ कर अधिकांश बांधों व तटबंधों को तोड दिया और बाढ का पानी बांका शहर सहित करीब 400 गांवों में प्रवेश कर उसे जलमग्न कर दिया था। इसमें खास कर नदियों के किनारे बसे शहर और गांवों में जान-माल की भारी क्षति हुई थी। बाढ के पानी ने खेतों में लगी फसलों को बर्बाद करते हुए घर, सडकें, रेलवे ट्रैक और अन्य बुनियादी ढांचों को भी ध्वस्त कर दिया था। इ...
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