बांका, नवम्बर 25 -- बांका। निज प्रतिनिधि। जिले में नदियों का जाल बिछा है, फिर भी यहां तेजी से जारबंद पानी का कारोबार फैल रहा है। बदलते समय में बोतलबंद व जारबंद पानी की डिमांड बढी है। वाटर प्लांट से घर-घर पहुंचने वाले जारबंद पानी की गुणवत्ता मानक के अनुरूप कितना है व स्वास्थ्य के लिए कितना अनुकूल है, इसकी भी कभी जांच नहीं होती है। यहां शहर से लेकर गांव तक मिनिरल वाटर प्लांट की संख्या बढती जा रही है। फिलवक्त क्षेत्र में 100 से अधिक वाटर प्लांट का संचालन बिना किसी जांच और मानक के किया जा रहा है। जिसके लाइसेंस और पानी की गुणवत्ता की कभी जांच नहीं होती है। जबकि बांका जिला फ्लोराईड प्रभावित जिले की श्रेणी में शामिल है। यहां के 112 पंचायत फ्लोराईड इफेक्टेड हैं। इन पंचायतों में पीएचईडी की ओर से फ्लोराईड रिमूवल प्लांट स्थापित कर लोगों के घरों में ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.