बिजनौर, जनवरी 11 -- कोडीन युक्त कफ सिरप एवं नारकोटिक्स श्रेणी की औषधियों के दुरुपयोग को रोके जाने की दिशा में अब सभी थोक दवा विक्रेताओं का भौतिक सत्यापन होगा। पूर्व में कई फर्मे पंजीकृत पते पर अस्तित्वहीन मिल चुकी है जो लाइसेंस प्राप्त होने के बाद कभी संचालित ही नहीं हुईं। इसे गंभीरता से लेते हुए भौतिक सत्यापन के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि बिजनौर में भी कोडीन सिरप के मामले में भी ऐसा देखने को मिल चुका है। जिसने लाइसेंस लिया था, उन्होंने होलसेल मेडिकल स्टोर बंद कर दिया था और लेकिन लाइसेंस सरेंडर नहीं किया था, उल्टे उस लाइसेंस पर अनाधिकृत व्यक्ति काम करता मिला था। प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। अब मुख्यालय से सभी होलसेल मेडिकल स्टोर का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा लाइसेंसी फर्म अपनी स्वीकृत...