औरंगाबाद, दिसम्बर 26 -- औरंगाबाद जिले में बनने वाले तिलकुट की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। बीते कुछ समय से लगातार बढ़ रही महंगाई का असर तिलकुट के बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तिल और चीनी की कीमतें तो बढ़ी ही हैं साथ ही मजदूरी में भी इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर तिलकुट की कीमतों पर पड़ा है। जिले में हर साल नवंबर महीने से तिलकुट बनाने का काम शुरू हो जाता है। इस बनाने के लिए कारीगर गया से औरंगाबाद आते हैं। बताया गया कि चीनी की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जबकि तिल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। हाल के कुछ दिनों में ही तिल की कीमत में प्रति किलो लगभग आठ रुपये की वृद्धि हुई है। मौसम खराब होने से भींगा हुआ तिल मिल रहा है और कीमत भी बढ़ गई है। इसके अलावा सबसे बड़ा खर्च मजदूरी का है। पिछले वर्ष जहां प्रति मजदूर आठ रुपये मजदूरी दी ...
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