सिमडेगा, दिसम्बर 29 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। जिले में जंगली जानवर में से हाथी और भालू का खतरा हमेशा बना रहता है। जंगली सूअर बरहा के आंतक की सूचना भी कभी कभार मिलती है। वर्तमान समय में जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में सबसे ज्यादा आतंक हाथियों से है। हाथियों के आतंक से बानो, जलडेगा, ठेठईटांगर, बांसजोर, केरसई और बोलबा प्रखंड के कई गांव पूरी तरह से प्रभावित है। आए दिन हाथियों के उत्पात और जानमाल की क्षति की खबर मिलते रहती है। हाथियों की चपेट में आकर कई लोग जान भी गवां चुके है। वहीं नुकसान की तो लंबी फेरिस्त है। बोलबा, जलडेगा के तो ग्रामीण हाथियों के डर से जंगल जाना छोड़ चुके है। जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल के वनोपज को बेचकर उनकी जीविका चलती थी। लेकिन जंगल जाने से डर लगता है। इधर कोलेबिरा प्रखंड के कुछ...
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