अररिया, नवम्बर 16 -- रानीगंज, एक संवाददाता रानीगंज क्षेत्र की आधे से अधिक आबादी फसलों की सिंचाई के लिए पम्पसेट पर ही आश्रित है। हालांकि कुछ पंचायत होकर गुजरने वाली पीबीसी बड़ी नहर से भी कई जगहों पर सिंचाई हो जाती है। क्षेत्र में बडी व छोटी माइनर, नहर, और पीबीसी नहर के कुल 20 केनाल है। कई केनाल चालू हालात में है। इनमें श्रीनगर माइनर व पीबीसी बड़ी नहर है। श्रीनगर माइनर नहर रानीगंज के बिशनपुर, हसनपुर के कुछ भाग, विस्टोरिया, पहुंसरा, कालाबालुवा, भोरहा, फरकिया, मझुवा पूरब, मझुवा पश्चिम, बसेटी, बौसीं, गुणवंती, आदि पंचायत से होकर जाती है। इन पंचायतों के कुछ किसानों को ही नहर से सिंचाई का फायदा मिल पाता है क्योंकि इन इलाकों में छोटी केनाल मृतप्राय हालत में है। हालांकि बड़ी नहर किनारे जहां तक किसानों की जमीन है वहां के किसानों को नहर से सिंचाई हो जात...