बगहा, जनवरी 20 -- प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन से प्राकृतिक आपदाएं आ रही है। इससेे जान माल की व्यापक पैमाने पर क्षति हो रही है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, भूगर्भ जल का दोहन, नदी नालों का अतिक्रमण, शहरीकरण, निर्माण कार्यों में मानक की अनदेखी आदि से पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है। इसका असर फसलों के साथ-साथ मानव जीवन पर पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन से जीव जंतुओं के संतुलन भी बिगड़ रहे हैं। अगर इस पर रोक नहीं लगाया गया तो। आने वाले दिनों में इसका भयंकर दुष्परिणाम देखने को मिलेगा। औसत से कम बारिश, प्रचंड गर्मी हाल के दिनों में बड़ी समस्या बन गई है। खेती की रकबा घट रही है। नदी नालों के अतिक्रमण से जल प्रवाह प्रभावित हुआ है।इसके कारण भूगर्भ जल का स्तर नीचे जा रही है। इसी तरह जल का दोहन होता रहा तो आने वाले दिनों में जिले में भी जल संकट उत्पन्न हो...
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