संतकबीरनगर, जनवरी 14 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिला अस्पताल में आग से झुलसे हुए मरीजों के इलाज का पुख्ता इंतजाम नहीं है। इलाज के लिए यहां पर आने वाले मरीजों को इलाज के लिए हायर सेंटर भेज दिया जाता है। जिला मुख्यालय होने के बाद आग से झुलसे मरीजों को इलाज की मुकम्मल सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। इसके लिए अभी तक बर्न यूनिट नहीं बन सकी है। जिले की आबादी लगभग 21 लाख है। ठंडक में तो कम लेकिन गर्मियों में लोग अक्सर आग से झुलस जाते हैं। यहां पर इलाज के लिए आते हैं तो उनका इलाज इमरजेंसी तक ही सीमित रहता है। इमरजेंसी में इलाज के बाद मरीज को हायर सेंटर भेज दिया जाता है। इसकी वजह है कि अस्पताल में बर्न यूनिट नहीं बनी है। आग से झुलसे मरीजों को एसी में रखा जाता है ताकि उनके शरीर में जलन न होने पाए। इसके अलावा मच्छरदानी भी लगाई जाती है। त...