जमशेदपुर, फरवरी 20 -- झारखंड के डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद कर दी गई है। इसका सबसे बुरा प्रभाव सरकारी स्कूलों से मैट्रिक पास करने वाले उन छात्रों पर पड़ा है, जो अपनी आगे की पढ़ाई साइंस लेकर करना चाहते हैं। सरकारी प्लस टू स्कूल साइंस की पढ़ाई के लिए अबतक संसाधन संपन्न नहीं हो पाए हैं। राज्य के अधिकतर प्लस टू स्कूलों में प्रैक्टिकल विषयों की पढ़ाई केवल सैद्धांतिक बनकर रह गई है। सूबे के 1158 प्लस टू स्कूलों में से अधिकतर में विज्ञान की अधिकतर विषयों की प्रयोगशाला नहीं हैं। जब स्कूलों में प्रयोगशालाएं ही उपलब्ध नहीं होंगी तो इन स्कूलों के बच्चे वैज्ञानिक कैसे बनेंगे और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कैसे टिक पाएंगे। पहले डिग्री कॉलेजों में साइंस इंटर की पढ़ाई होती थी। कॉलेजों में प्रयोगशालाएं ठीक होती थीं, लेकिन सरकारी प्लस टू स्कूल इस मामल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.