सीतामढ़ी, फरवरी 3 -- सीतामढ़ी। कामकाजी महिलाओं के लिए राहत मानी जाने वाली 'पालना घर' योजना की जिले में जमीनी हकीकत क्या है, इसकी पड़ताल की गई। पड़ताल में सामने आया कि कलेक्ट्रेट परिसर में महिला एवं बाल विकास निगम के तहत संचालित पालना घर सुविधाओं के मामले में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है। लेकिन बच्चों के पौष्टिक भोजन की कोई सरकारी व्यवस्था नहीं होना एक बड़ा सवाल बना हुआ है। जिले में फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर में पालना घर संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस लाइन परिसर में भी पालना घर के संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिससे वहां कार्यरत महिला कर्मियों को सुविधा मिल सके। कलेक्ट्रेट स्थित पालना घर में औसतन 12 बच्चों को रखने की क्षमता है। यहां छह महीने से लेकर पांच साल तक के बच्चों की देखभाल की जाती है। पड़ताल के दौरान पाया गया कि कलेक्ट...
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